सूचीअध्याय 2: सुसंगतता प्रमाण (V5.05)

I. प्रयोगशाला के प्रमाण: निर्वात/अर्ध-निर्वात में लचीलेपन और तनाव को पढ़ना

हम ऐसे प्रयोग रखते हैं जिनमें सीमा, ज्यामिति या कपलिंग ही बदली जाती है—कोई पदार्थ लक्ष्य नहीं जोड़ा जाता—और सीधे लचीला-तनावी प्रत्युत्तर मापा जाता है।

  1. UHV: क्रिया-क्षेत्र कैविटी/रिक्त-दरार में
  1. अर्ध-निर्वात (UHV/क्रायो/उच्च-Q): यंत्र मौजूद, पर पढ़ाई प्रत्यक्ष

लैब-सारांश.

निष्कर्ष: ऊर्जा-सागर कोई निरा बिम्ब नहीं, बल्कि लचीला-तनावी माध्यम है जिसे कॅलिब्रेट व प्रोग्राम किया जा सकता है।


II. ब्रह्माण्डीय सत्यापन: लचीला–तनावी पाठ को स्केल-अप करना

अब देखते हैं कि लैब के “नॉब” आकाश-नक़्शों और उड़ान-समयों में किस तरह प्रकट होते हैं।

  1. CMB के ध्वनिक पीक (WMAP 2003; Planck 2013/2018): बहु-हार्मिक पीक साफ़; स्थान/आयाम अच्छी तरह फिट।
    पाठ: प्राचीन फ़ोटॉन–बैरीऑन प्लाज़्मा लचीले, तनाव-धारी द्रव की तरह व्यवहार करता है; मोड/अनुनाद नपे-तुले हैं।
    संकेत: लचीलेपन / संग्रह / कम-हानि।
  2. BAO का मानक पैमाना (SDSS 2005; BOSS/eBOSS 2014–2021): ~150 Mpc स्केल बार-बार मिलती है।
    पाठ: लचीले ध्वनिक मोड “जम” कर बड़े-पैमाने की बनावट बनाते हैं—लैब की “मोड-चयन/स्थित रहने” का महाविस्तार।
    संकेत: संग्रह / तनाव-ग्रेडिएंट।
  3. गुरुत्वीय तरंग की चाल/दिस्पर्सन (GW170817 + GRB 170817A, 2017): |v_g − c| अत्यल्प; बैंड में विसरण/हानि नगण्य।
    पाठ: ऊर्जा-सागर अनुप्रस्थ लचीली तरंगें उठाता है—उच्च प्रभावी कठोरता व कम-हानि के साथ।
    संकेत: लचीलेपन / कम-हानि।
  4. प्रबल लेंसिंग: विलंब-दूरी व फ़र्मा-सतह (H0LiCOW, 2017–): बहु-छवि विलंबों से फ़र्मा-पोटेन्शियल सतहें पुनर्निर्मित।
    पाठ: पथ-लागत ≈ ∫n_eff dℓ; तनाव-पोटेन्शियल ही मार्गदर्शक स्थलाकृति है।
    संकेत: तनाव-ग्रेडिएंट।
  5. शापिरो विलंब (Cassini 2003): गहरे “कुण्डों” के पास अतिरिक्त देर सटीक नापी गई।
    पाठ: स्थानीय ऊपरी सीमा व स्थलाकृति मिलकर “ऑप्टिकल समय” बढ़ाती हैं; “तनाव = भू-रूप” से संगत।
    संकेत: ग्रेडिएंट / लचीलेपन।
  6. गुरुत्वीय रेडशिफ्ट/घड़ी-ऑफसेट (Pound–Rebka 1959; GPS): आवृत्ति/घड़ी-गति पोटेन्शियल-गहराई के साथ व्यवस्थित रूप से बदलती है; अभियांत्रिकी में रोजमर्रा।
    पाठ: तनाव-पोटेन्शियल ताल ठोकता व फेज-संचय तय करता है, जो लैब के मोड-फ्रीक्वेंसी ड्रिफ्ट/ग्रुप-डिले से मेल खाता है।
    संकेत: संग्रह / तनाव-ग्रेडिएंट।

ब्रह्माण्ड-सारांश.

निष्कर्ष: ब्रह्माण्डीय पैमाने पर हमें लैब वाले लचीला–तनावी माध्यम का ही बड़ा रूप पढ़ाई देता है।


III. कसौटियाँ व क्रॉस-चेक (तर्क को और पुख़्ता करने के लिए)


IV. संक्षेप

समेकित निष्कर्ष: ऊर्जा-सागर को लचीलेपनतनाव-क्षेत्र वाले निरंतर माध्यम की तरह मानना—वैक्यूम कैविटी से कॉस्मिक वेब तक—मापनीय व पार-जांचित साक्ष्य-श्रृंखला देता है। यह 2.1 (“निर्वात बल/प्रकाश/युग्म पैदा करता है”) के साथ मिलकर “समुद्र–रेशा” दृष्टि-चित्र का ठोस आधार बनाता है।


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श्रेय (सुझाव): लेखक: 屠广林|कृति: “ऊर्जा फिलामेंट सिद्धांत”|स्रोत: energyfilament.org|लाइसेंस: CC BY 4.0
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संस्करण जानकारी: प्रथम प्रकाशन: 2025-11-11 | वर्तमान संस्करण: v6.0+5.05