सूचीअध्याय 3: स्थूल ब्रह्मांड (V5.05)

पाठ–संकेत: यह भाग सामान्य पाठकों के लिए है, इसमें सूत्र नहीं हैं। यहाँ हम बताते हैं कि तनाव गलियारा तरंग-मार्गदर्शक (TCW) का उपयोग करके सीधे, संकरे और तेज़ जेट कैसे समझाए जा सकते हैं। सिद्धांत और निर्माण–मेकैनिज़्म के लिए अनुभाग 1.9 देखें।


I. TCW क्या करता है: “इग्निशन” को सीधा–संकरा–तेज़ पलायन में बदलता है


संक्षेप में, TCW एक कॉलिमेटर की तरह काम करता है जो स्रोत की इग्निशन को भरोसेमंद ढंग से सीधे, संकरे और तेज़ जेट में बदल देता है।


II. उपयोग का समग्र नक्शा: एक ही रेखा “TCW → जेट”


III. सिस्टम–मैप: TCW कहाँ सक्रिय होता है और कौन–कौन से संकेत देखें

  1. गामा–रे बर्स्ट (GRB)
    • क्यों सीधे/कोलिमेटेड: ध्वंस या विलयन स्पिन–अक्ष के साथ स्थिर गलियारा खोलता है, जिससे सबसे चमकीला prompt भाग अधिक पारदर्शी त्रिज्या तक “सीधे” पहुँचता है और स्रोत–निकट रद्दीकरण/मोड़ घटते हैं।
    • स्रोत–निकट पैमाना: ~0.5–50 au; सब–सेकंड पिक्स भी संकरे और सीधे बने रहते हैं।
    • क्या देखें: पल्स के उभार–किनारे पर ध्रुवण पहले बढ़े, पड़ोसी पल्सों के बीच ध्रुवण–कोण में असतत छलाँगें; आफ्टरग्लो में कम–से–कम दो अक्रोमैटिक ब्रेक (गलियारे की परतें या गियर–शिफ्ट)।
  2. सक्रिय आकाशगंगा नाभिक (AGN) और माइक्रोक्वासर
    • क्यों सीधे/कोलिमेटेड: क्षितिज–निकट से उप–पार्सेक तक लंबा, स्थिर गलियारा पराबोलिक कोलिमेशन–क्षेत्र बनाता है जो आगे चलकर शंक्वाकार विस्तार में बदलता है।
    • स्रोत–निकट पैमाना: ~10^3–10^6 au (केन्द्रीय द्रव्यमान के साथ बढ़ता है)।
    • क्या देखें: रीढ़–आवरण संरचना और किनारी चमक; दूरी के साथ खुलाव पराबोला → शंकु में बदले; वर्ष–पैमाने पर ध्रुवण–मानचित्र पुनर्संगठित हों या पलटें (गलियारे के गियर–शिफ्ट का संकेत)।
  3. टाइडल डिसरप्शन इवेंट (TDE) जेट
    • क्यों सीधे/कोलिमेटेड: तारा फटने के बाद स्पिन–अक्ष के पास अल्पजीवी पर कुशल गलियारा तेज़ी से बनता है और आरंभिक बाह्य–प्रवाह को कड़े रूप में कोलिमेट करता है।
    • स्रोत–निकट पैमाना: ~1–300 au; अभिवृद्धि और बाह्य दाब घटने पर गलियारा ढीला पड़े या बंद हो जाए।
    • क्या देखें: शुरू में ध्रुवण ऊँचा और स्थिर, फिर जल्दी गिरा/पलटा; off–axis दृष्टि पर प्रकाश व स्पेक्ट्रम समय के साथ स्पष्ट रूप से पुनः–उन्मुख हों।
  4. फास्ट रेडियो बर्स्ट (FRB)
    • क्यों सीधे/कोलिमेटेड: मैग्नेटार–निकट अत्यल्प–लंबाई का गलियारा खंड कोहेरेंट रेडियो को अत्यंत संकरे बीम में दबाता है और मिलीसेकंड में “सीधा” बाहर निकाल देता है।
    • स्रोत–निकट पैमाना: ~0.001–0.1 au।
    • क्या देखें: लगभग शुद्ध रेखीय ध्रुवण; रोटेशन मेज़र (RM) में समय–क्रमिक सीढ़ियाँ; रिपीटर स्रोतों में बर्स्ट–दर–बर्स्ट ध्रुवण–कोण “गियर–वार” बदले।
  5. धीमे जेट और अन्य प्रणालियाँ (प्रोटो–तारकीय जेट, पल्सर–विंड नीहारिका)
    • क्यों सीधे/कोलिमेटेड: सापेक्षिक गति न होने पर भी गलियारा–ज्यामिति कोलिमेट करती है; स्रोत–निकट सीधा खंड दिशा निश्चित करता है, आगे का रूप परिवेश और डिस्क–विंड तय करते हैं।
    • स्रोत–निकट पैमाना: प्रोटो–तारकीय जेट में 10–100 au के सीधे खंड; पल्सर–विंड नीहारिका में ध्रुवीय छोटे गलियारे और विषुवतीय वलय–रचना।
    • क्या देखें: स्तंभ–कोलिमेशन और नोड पर सिकुड़ना–उछाल (रिकोलिमेशन); मेज़बान माध्यम के तंतु–ढाँचे से सुसंगत पसंदीदा दिशाएँ।

IV. TCW–आधारित अनुप्रयोग की उँगली–छापें (J1–J6 जाँच)

ये सूचक गलियारा–निर्देशित सीधे जेट की पहचान करते हैं और अनुभाग 3.10 की P1–P6 सूची को पूरक हैं।

निर्णय–नियम: यदि कोई घटना/स्रोत–वर्ग J1–J4 में से कम–से–कम दो को पूरा करे और आकृति-विज्ञान J5/J6 का समर्थन करे, तो गलियारा–निर्देशित सीधा जेट व्याख्या गैर–चैनल मॉडल की तुलना में स्पष्ट रूप से श्रेष्ठ है।


V. परतदार मॉडल (समकालीन सिद्धांतों के साथ कार्य–विभाजन)


VI. संक्षेप में


कॉपीराइट और लाइसेंस: जब तक अलग से न बताया जाए, “ऊर्जा फिलामेंट सिद्धांत” (पाठ, चार्ट, चित्र, प्रतीक और सूत्र सहित) का कॉपीराइट लेखक (屠广林) के पास है।
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श्रेय (सुझाव): लेखक: 屠广林|कृति: “ऊर्जा फिलामेंट सिद्धांत”|स्रोत: energyfilament.org|लाइसेंस: CC BY 4.0
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संस्करण जानकारी: प्रथम प्रकाशन: 2025-11-11 | वर्तमान संस्करण: v6.0+5.05