सूचीअध्याय 4: ब्लैक होल (V5.05)

ब्लैक होल खालीपन नहीं होता, बल्कि ऐसा क्षेत्र होता है जो अपने आसपास की हर चीज़ को असाधारण बल से भीतर खींचता है। पास पहुँचते ही “बाहर निकलने” की हर कोशिश नाकाम होती है; दूर जाते ही इसका असर तीन पैमानों पर दिखता है—गौर करने पर छवि तल पर, समय के साथ चमक के बदलाव में और ऊर्जा स्पेक्ट्रम में। इस खंड में पूरे अध्याय का एजेंडा रखा गया है: वास्तव में क्या दिखता है, उसे कैसे वर्गों में बाँटते हैं, और समझाने में सबसे बड़ी गांठें कहाँ पड़ती हैं। कार्य–विधि के विवरण आगे दिए जाएँगे।


I. प्रेक्षित रूप–रंग: यह कैसा दिखता है और समय के साथ कैसे बदलता है


संक्षेप में, ब्लैक होल का प्रेक्षण “चिकना” नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित खरदरापन दिखाता है—कौन–सा हिस्सा ज्यादा उजला है, ध्रुवीकरण कहाँ पलटता है, और अलग–अलग पट्टियाँ कब एक ताल में चलती हैं—ये पैटर्न बार–बार उभरते हैं।


II. प्रकार और उद्गम: तारकीय द्रव्यमान से अतिद्रव्यमान तक, साथ में आद्य–परिकल्पना

ये नाम मूलतः पैमाने के लेबल हैं। कई “हस्ताक्षर”—अंगूठियाँ, उजले सेक्टर, ध्रुवीकरण–पट्टियाँ और लय—विभिन्न आकार–मानों पर मिलते–जुलते रूप में दोहराते हैं।


III. आधुनिक उद्गम–कथाएँ: “यह बनते कैसे हैं” पर मुख्यधारा की व्याख्याएँ

ये कथाएँ दूर–क्षेत्र दिशा–नियंत्रण, ऊर्जा–बजट और जेट–अस्तित्व जैसी बड़ी ज़रूरतें पूरी करती हैं; मैग्नेटो–हाइड्रोडायनामिक अनुकरण भी भरोसेमंद संरचनाएँ “खींच” पाते हैं। हालांकि क्षितिज के आसपास की सूक्ष्म बनावट पर नज़दीक से देखने पर तीन कड़ी चुनौतियाँ बची रहती हैं।


IV. तीन कठिन गाँठें: जहाँ व्याख्या अटकती है

इन सबके पीछे एक साझा कमी है: क्षितिज–निकट सीमा किस चीज़ से बनी है और कैसे काम करती है। ज्यामिति यह तो बता देती है कि किधर जाना है और कितनी रफ़्तार से जाना है। पर उस सीमा का “पदार्थ–चित्र”, जिसकी विद्युत–चुंबकीय और “ध्वनिक” पहचान डेटा के साथ सीधे रखी जा सके, अभी अधूरा है।


V. इस अध्याय का उद्देश्य: सीमा को क्रियाशील भौतिकी देना और एकीकृत तस्वीर बनाना

गणित ज़रूरी है, पर लक्ष्य सत्य है। ऊर्जा रेशे (Energy Threads, EFT) की रूपरेखा में हम क्षितिज–निकट सीमा को आदर्श चिकनी सतह नहीं मानते; उसे सक्रिय तनाव–कोर्टेक्स की तरह देखते हैं—सीमित मोटाई वाली वह “त्वचा” जिसे भीतर की घटनाएँ थोड़ी देर के लिए बदल सकती हैं। एकीकृत ढंग से यही सीमा ऊर्जा को तीन निकास–मार्गों में बाँटती है। हम उन मार्गों के नाम बताएँगे, कैसे प्रत्येक सक्रिय होता है, और कौन–से संकेत साथ ले जाता है। यह दृष्टि तीन लक्ष्य साधती है—

अगले चरणों में हम क्रम–दर–क्रम बढ़ेंगे: बाहरी आलोचनात्मक सतह, भीतरी आलोचनात्मक पट्टी, संक्रमण–क्षेत्र और नाभि की परिभाषा देंगे; दिखाएँगे कि सीमा छवि–तल पर कैसे “उभरती” और समय–क्षेत्र में कैसे “बोलती” है; ऊर्जा कैसे बाहर निकलती है यह समझाएँगे; अलग–अलग द्रव्यमान–मानों पर व्यवहार की तुलना करेंगे; समकालीन सिद्धांत से मिलान करेंगे; और अंत में सत्यापन–सूची तथा संभावित मार्ग–मानचित्र देंगे।


कॉपीराइट और लाइसेंस: जब तक अलग से न बताया जाए, “ऊर्जा फिलामेंट सिद्धांत” (पाठ, चार्ट, चित्र, प्रतीक और सूत्र सहित) का कॉपीराइट लेखक (屠广林) के पास है।
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श्रेय (सुझाव): लेखक: 屠广林|कृति: “ऊर्जा फिलामेंट सिद्धांत”|स्रोत: energyfilament.org|लाइसेंस: CC BY 4.0
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संस्करण जानकारी: प्रथम प्रकाशन: 2025-11-11 | वर्तमान संस्करण: v6.0+5.05