सूचीअध्याय 8: ऊर्जा-तंतु सिद्धांत द्वारा चुनौती दिए गए प्रतिमान सिद्धांत (V5.05)

I. पाठ्य-पुस्तकों की रूपरेखा


II. कठिनाइयाँ और दीर्घकालिक व्याख्यात्मक लागत


III. ऊर्जा-धागा सिद्धान्त (EFT) के अनुसार पुनर्व्याख्या

हम ब्रह्माण्ड को एक लगभग समरूप ऊर्जा–समुद्र (Energy Sea) और उसमें आकार बनाए रखने में सक्षम ऊर्जा–धागों (Energy Threads) के रूप में देखते हैं। समुद्र की तनन–अवस्था से प्रसार–वेग और ज्यामितीय नम्यता तय होती है; धागों की दृढ़ता से संरचनाएँ टिकती हैं। इससे तीन सिद्धान्त निकलते हैं:

  1. आयामरहित अनुपात (जैसे α) सच्ची सार्वभौमिकता के सबसे निकट हैं।
  2. आयाम–वाले नियतांक प्रायः स्थानीय पदार्थ–परामितियाँ हैं, जो परिवेश के साथ थोड़ा–बहुत बदल सकती हैं।
  3. इन परामितियों से बनी “सीमाएँ” समिश्र दहलीजें हैं, जो पदार्थ–अवस्था एक–सी होने पर अद्वितीय दिखती हैं।

c: स्थानीय प्रसार–छत

G: ज्यामितीय नम्यता का स्थानीय माप

ℏ: न्यूनतम “मुड़ाव–कदम”

k_B: गणना–से–ऊर्जा का “विनिमय–दर”

α: विद्युतचुम्बकीय युग्मन का आयामरहित हस्ताक्षर

प्लैंक इकाइयाँ: समिश्र दहलीजें, कोई अकेला आदेश नहीं


IV. प्रेक्षणीय संकेत (कार्य–सूची)


V. ऊर्जा-धागा सिद्धान्त के चुनौती–बिन्दु (सार)


कॉपीराइट और लाइसेंस: जब तक अलग से न बताया जाए, “ऊर्जा फिलामेंट सिद्धांत” (पाठ, चार्ट, चित्र, प्रतीक और सूत्र सहित) का कॉपीराइट लेखक (屠广林) के पास है।
लाइसेंस (CC BY 4.0): लेखक और स्रोत का उल्लेख करने पर, प्रतिलिपि, पुनर्प्रकाशन, अंश, रूपांतरण और पुनर्वितरण की अनुमति है।
श्रेय (सुझाव): लेखक: 屠广林|कृति: “ऊर्जा फिलामेंट सिद्धांत”|स्रोत: energyfilament.org|लाइसेंस: CC BY 4.0
सत्यापन का आह्वान: लेखक स्वतंत्र है और स्वयं-वित्तपोषित है—कोई नियोक्ता नहीं, कोई फंडिंग नहीं। अगला चरण: देश-सीमा के बिना ऐसे माहौल को प्राथमिकता देना जहाँ सार्वजनिक चर्चा, सार्वजनिक पुनरुत्पादन और सार्वजनिक आलोचना संभव हो। दुनिया भर के मीडिया और सहकर्मी इस अवसर पर सत्यापन आयोजित करें और हमसे संपर्क करें।
संस्करण जानकारी: प्रथम प्रकाशन: 2025-11-11 | वर्तमान संस्करण: v6.0+5.05